कबीले के ठोर, बाप बादशाह शाहनजहाँ, ताको क़ैद कियो मान मक्के आग लाई है,
बड़े भाई दाराबा को पकरि के क़ैद कियो, मेहरू नाही माको जानो सगो भाई है,
बंधिते मुरादबख्श बात चुकी बेकी नाही, बीच दे कुरान खुदा की कसम खाई है,
भूषण सुकवि कहे, सुनो औरंगजेब, ऐते काम कीने तब बादशाही पाई है
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